अमाली कोल वाशरी परियोजना; NSUI ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जनसुनवाई स्थगित करने की मांग
बिलासपुर, 18 जून 2026। कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। NSUI प्रदेश महासचिव आदिल आलम खरनी ने परियोजना से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई को स्थगित करने की मांग की है। इस दौरान कांग्रेस जिला शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, NSUI नेता लक्की मिश्रा सहित अन्य युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आदिल आलम ने कहा कि यह मामला केवल एक औद्योगिक परियोजना का नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण, कृषि, आदिवासी अधिकारों और ग्रामीणों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों की आशंकाओं और आपत्तियों को दरकिनार कर किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर कोल वाशरी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, वह मूल रूप से कृषि कार्य के लिए खरीदी गई थी, लेकिन अब उसका व्यावसायिक उपयोग करने की तैयारी की जा रही है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित परियोजना स्थल के नजदीक शासकीय महाविद्यालय संचालित है। ऐसे में कोल वाशरी शुरू होने की स्थिति में धूल और प्रदूषण का असर विद्यार्थियों तथा शैक्षणिक वातावरण पर पड़ सकता है।

सर्वआदिवासी समाज की ओर से अचानकमार टाइगर रिजर्व के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया गया है। समाज का कहना है कि परियोजना क्षेत्र की निकटता को देखते हुए वन्यजीवों और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का गंभीर अध्ययन किया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा खेती-किसानी पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कोल वाशरी से निकलने वाले प्रदूषण और अपशिष्ट पदार्थ आसपास की कृषि भूमि, जल स्रोतों और वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे किसानों के सामने नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

आदिल आलम ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों की आपत्तियों, पर्यावरणीय पहलुओं और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए 19 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई को फिलहाल स्थगित किया जाए। इस मांग के बाद क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है और अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।










